Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.124.32: ब्राह्मण भी अपने गुरु के प्रति परम भक्तिभाव से उनके साथ यथोचित व्यवहार करता था और उनकी इच्छानुसार सब प्रकार से उनकी सेवा करता था॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 12.124: इन्द्र और प्रह्लादकी कथा—शीलका प्रभाव, शीलके अभावमें धर्म, सत्य, सदाचार, बल और लक्ष्मीके न रहनेका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण भी अपने गुरु के प्रति परम भक्तिभाव से उनके साथ यथोचित व्यवहार करता था और उनकी इच्छानुसार सब प्रकार से उनकी सेवा करता था॥ 32॥
The brahmin too behaved towards him in a befitting manner with utmost devotion towards his Guru and served him in every way according to his liking.॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥