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mahabharat 12.124.16: मान्दाता ने एक ही दिन में, जनमेजय ने तीन दिन में और नाभाग ने सात दिन में इस पृथ्वी का राज्य प्राप्त कर लिया॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.124: इन्द्र और प्रह्लादकी कथा—शीलका प्रभाव, शीलके अभावमें धर्म, सत्य, सदाचार, बल और लक्ष्मीके न रहनेका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.124.16 
एकरात्रेण मान्धाता त्र्यहेण जनमेजय:।
सप्तरात्रेण नाभाग: पृथिवीं प्रतिपेदिरे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
मान्दाता ने एक ही दिन में, जनमेजय ने तीन दिन में और नाभाग ने सात दिन में इस पृथ्वी का राज्य प्राप्त कर लिया॥16॥
 
Māndāta attained the kingdom of this earth in a single day, Janamejaya in three days and Naabhaga in seven days.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)