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mahabharat 12.124.15: इसमें कोई संदेह नहीं कि सदाचार से मनुष्य तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर सकता है। सदाचारी मनुष्यों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 12.124: इन्द्र और प्रह्लादकी कथा—शीलका प्रभाव, शीलके अभावमें धर्म, सत्य, सदाचार, बल और लक्ष्मीके न रहनेका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.124.15 
शीलेन हि त्रयो लोका: शक्या जेतुं न संशय:।
न हि किंचिदसाध्यं वै लोके शीलवतां भवेत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं कि सदाचार से मनुष्य तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर सकता है। सदाचारी मनुष्यों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। ॥15॥
 
There is no doubt that by virtue of good conduct one can conquer the three worlds. Nothing is impossible for those who have good conduct. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)