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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.122.7 
सोपसृत्य तु मान्धाता वसुहोमं नराधिपम्।
दृष्ट्वा प्रकृष्टतपसं विनतोऽग्रेऽभ्यतिष्ठत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महान तपस्वी राजा वसुहोम के पास पहुँचकर और उनसे मिलकर राजा मान्धाता उनके समक्ष विनम्रतापूर्वक खड़े हो गए।
 
After reaching the great ascetic King Vasuhoma and having met him, King Mandhata stood before him with humility.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)