Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.122.52: भारत यह कालदण्ड ब्रह्माण्ड के आदि, मध्य और अन्त में जागृत रहता है। यह सर्व लोकेश्वर महादेव का स्वरूप है। यह समस्त प्रजा का रक्षक है। 52॥ | mahabharat अध्याय 12.122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जागर्ति काल: पूर्वं च मध्ये चान्ते च भारत।
ईश्वर: सर्वलोकस्य महादेव: प्रजापति:॥ ५२॥
अनुवाद
भारत यह कालदण्ड ब्रह्माण्ड के आदि, मध्य और अन्त में जागृत रहता है। यह सर्व लोकेश्वर महादेव का स्वरूप है। यह समस्त प्रजा का रक्षक है। 52॥
India This punishment of time remains awake in the beginning, middle and end of the universe. This is the form of Sarva Lokeshwar Mahadev. He is the protector of all the subjects. 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥