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mahabharat 12.122.47: ज्योतियों से दण्ड प्राप्त करके वेदों की स्थापना की गई है। वेदों से भगवान हयग्रीव और हयग्रीव से अविनाशी भगवान ब्रह्मा दण्ड प्राप्त करके जगत की रक्षा के लिए जागृत रहते हैं ॥ 47॥   |   mahabharat अध्याय 12.122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  12.122.47 
वेदा: प्रतिष्ठा ज्योतिर्भ्यस्ततो हयशिरा: प्रभु:।
ब्रह्मा पितामहस्तस्माज्जागर्ति प्रभुरव्यय:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
ज्योतियों से दण्ड प्राप्त करके वेदों की स्थापना की गई है। वेदों से भगवान हयग्रीव और हयग्रीव से अविनाशी भगवान ब्रह्मा दण्ड प्राप्त करके जगत की रक्षा के लिए जागृत रहते हैं ॥ 47॥
 
The Vedas have been established by receiving the staff from the lights. From the Vedas, Lord Hayagriva and from Hayagriva, the indestructible Lord Brahma, receiving the staff, remain awake to protect the world. ॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)