Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.122.15: हमने सुना है कि सम्पूर्ण लोकों के पिता भगवान ब्रह्मा ने एक बार यज्ञ करना चाहा; परन्तु उन्हें यज्ञ करने के लिए कोई भी योग्य पुरोहित नहीं मिला ॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मा यियक्षुर्भगवान् सर्वलोकपितामह:।
ऋत्विजं नात्मनस्तुल्यं ददर्शेति हि न: श्रुतम्॥ १५॥
अनुवाद
हमने सुना है कि सम्पूर्ण लोकों के पिता भगवान ब्रह्मा ने एक बार यज्ञ करना चाहा; परन्तु उन्हें यज्ञ करने के लिए कोई भी योग्य पुरोहित नहीं मिला ॥15॥
We have heard that Lord Brahma, the father of all the worlds, once wanted to perform a yajna; but he did not find any priest suitable for performing it. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥