Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.122.1: भीष्मजी कहते हैं- युधिष्ठिर! जो लोग इस दण्ड की उत्पत्ति के विषय में जानते हैं, वे एक प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते हैं। उसे भी तुम्हें सुनना चाहिए। अंगदेश में वसुहोम नामक एक प्रसिद्ध एवं प्रतापी राजा राज्य करते थे॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.122.1 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
अङ्गेषु राजा द्युतिमान् वसुहोम इति श्रुत:॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- युधिष्ठिर! जो लोग इस दण्ड की उत्पत्ति के विषय में जानते हैं, वे एक प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते हैं। उसे भी तुम्हें सुनना चाहिए। अंगदेश में वसुहोम नामक एक प्रसिद्ध एवं प्रतापी राजा राज्य करते थे॥1॥
 
Bhishmaji says-Yudhishthira! People who know about the origin of this punishment give an example of an ancient history. You should listen to it as well. A famous and illustrious king named Vasuhoma ruled in Angadesh.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)