Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.121.8: भीष्म बोले, 'कुरुपुत्र! मैं तुम्हें दण्ड का स्वरूप और उसका 'व्यवहार' नामक ढंग बता रहा हूँ; सुनो। इस जगत् में जो कुछ है, वह अद्वितीय द्रव्य जिसके अधीन है, उसे यहाँ 'दण्ड' कहा गया है। | mahabharat अध्याय 12.121: दण्डके स्वरूप, नाम, लक्षण, प्रभाव और प्रयोगका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
शृणु कौरव्य यो दण्डो व्यवहारो यथा च स:।
यस्मिन् हि सर्वमायत्तं स दण्ड इह केवल:॥ ८॥
अनुवाद
भीष्म बोले, 'कुरुपुत्र! मैं तुम्हें दण्ड का स्वरूप और उसका 'व्यवहार' नामक ढंग बता रहा हूँ; सुनो। इस जगत् में जो कुछ है, वह अद्वितीय द्रव्य जिसके अधीन है, उसे यहाँ 'दण्ड' कहा गया है।
Bhishma said, 'Son of Kuru! I am telling you the nature of punishment and the way it is called 'vyavahar' (practice); listen. The unique substance under whose control everything in this world is, is called 'Danda' here.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥