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mahabharat 12.121.58: वे देवता, मनुष्य, नाग, दानव और राक्षस सहित समस्त लोकों के रचयिता तथा समस्त जीव-जन्तुओं के रचयिता हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.121: दण्डके स्वरूप, नाम, लक्षण, प्रभाव और प्रयोगका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.121.58 
लोकानां स हि सर्वेषां ससुरासुररक्षसाम्।
समनुष्योरगवतां कर्ता चैव स भूतकृत्॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
वे देवता, मनुष्य, नाग, दानव और राक्षस सहित समस्त लोकों के रचयिता तथा समस्त जीव-जन्तुओं के रचयिता हैं।
 
He is the creator of all the worlds including gods, humans, snakes, demons and demons and the creator of all living beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)