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mahabharat 12.121.23: दण्ड सर्वव्यापी होने के कारण भगवान विष्णु कहलाते हैं और मनुष्यों के आश्रय होने के कारण नारायण कहलाते हैं। शक्तिशाली होने के कारण वे सदैव भगवान और महत् रूप धारण करते हैं, इसलिए उन्हें महान पुरुष कहा जाता है।   |   mahabharat अध्याय 12.121: दण्डके स्वरूप, नाम, लक्षण, प्रभाव और प्रयोगका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 121: दण्डके स्वरूप, नाम, लक्षण, प्रभाव और प्रयोगका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.121.23 
दण्डो हि भगवान् विष्णुर्दण्डो नारायण: प्रभु:।
शश्वद् रूपं महद् बिभ्रन्महान् पुरुष उच्यते॥ २३॥
 
 
अनुवाद
दण्ड सर्वव्यापी होने के कारण भगवान विष्णु कहलाते हैं और मनुष्यों के आश्रय होने के कारण नारायण कहलाते हैं। शक्तिशाली होने के कारण वे सदैव भगवान और महत् रूप धारण करते हैं, इसलिए उन्हें महान पुरुष कहा जाता है।
 
Because the Danda is omnipresent, he is called Lord Vishnu and because he is the shelter of men, he is called Narayana. Because he is powerful, he always assumes the form of Lord and Mahat, therefore he is called Mahan Purush.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)