Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.121.16: उनके सिर पर जटाएँ हैं, मुख में दो जिह्वाएँ हैं, मुख का रंग ताँबे के समान है, शरीर पर उन्होंने व्याघ्रचर्म धारण कर रखा है, इस प्रकार दुर्धर्ष दण्ड सदैव भयानक रूप धारण किये रहता है। | mahabharat अध्याय 12.121: दण्डके स्वरूप, नाम, लक्षण, प्रभाव और प्रयोगका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके सिर पर जटाएँ हैं, मुख में दो जिह्वाएँ हैं, मुख का रंग ताँबे के समान है, शरीर पर उन्होंने व्याघ्रचर्म धारण कर रखा है, इस प्रकार दुर्धर्ष दण्ड सदैव भयानक रूप धारण किये रहता है।
He has matted hair on his head, two tongues in his mouth, the colour of his face is like copper, he has worn a tiger skin to cover his body, thus Durdharsh Danda always assumes this terrifying form.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥