धनं भोगं पुत्रदारं समृद्धिं
सर्वं लुब्ध: प्रार्थयते परेषाम्।
लुब्धे दोषा: सम्भवन्तीह सर्वे
तस्माद् राजा न प्रगृह्णीत लुब्धम्॥ ४८॥
अनुवाद
लोभी मनुष्य दूसरों का धन, सुख, स्त्री, संतान और वैभव हड़पना चाहता है। लोभी व्यक्ति में सभी प्रकार के दोष प्रकट होते हैं; इसलिए राजा को चाहिए कि उसे अपने राज्य में कोई पद न दे। 48.
A greedy man wants to acquire others' wealth, pleasures, wife, children and prosperity. All kinds of faults are manifested in a greedy person; therefore the king should not give him any position in his kingdom. 48.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥