Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.120.47: राजा को चाहिए कि वह लोभी मनुष्य को सदैव कुछ देकर उसका दमन करे; क्योंकि लोभी मनुष्य दूसरों के धन से कभी संतुष्ट नहीं होता। सभी लोग अच्छे कर्मों के फलस्वरूप सुख भोगने के लिए लालायित रहते हैं; परन्तु धनहीन लोभी मनुष्य धर्म और काम दोनों का परित्याग कर देता है। | mahabharat अध्याय 12.120: राजधर्मका साररूपमें वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा को चाहिए कि वह लोभी मनुष्य को सदैव कुछ देकर उसका दमन करे; क्योंकि लोभी मनुष्य दूसरों के धन से कभी संतुष्ट नहीं होता। सभी लोग अच्छे कर्मों के फलस्वरूप सुख भोगने के लिए लालायित रहते हैं; परन्तु धनहीन लोभी मनुष्य धर्म और काम दोनों का परित्याग कर देता है।
The king should always suppress a greedy man by giving him something; because a greedy man is never satisfied with the wealth of others. Everyone is eager to enjoy the happiness as a result of good deeds; but a greedy person who is penniless, abandons both Dharma and Kama. 47.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥