श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 120: राजधर्मका साररूपमें वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.120.23 
मृदुशीलं तथा प्राज्ञं शूरं चार्थविधानवित्।
स्वकर्मणि नियुञ्जीत ये चान्ये च बलाधिका:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जो राजा कार्य-विधि को जानता हो, उसे चाहिए कि वह अपने कार्यों में सौम्य स्वभाव वाले, विद्वान् और वीर तथा अन्य शक्तिशाली व्यक्तियों को नियुक्त करे ॥23॥
 
A king who knows the methods of work should appoint gentle-natured, learned and brave people and others who are more powerful in his tasks. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)