श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 120: राजधर्मका साररूपमें वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.120.1 
युधिष्ठिर उवाच
राजवृत्तान्यनेकानि त्वया प्रोक्तानि भारत।
पूर्वै: पूर्वनियुक्तानि राजधर्मार्थवेदिभि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - 'भरत! आपने पूर्वकाल में राजधर्म के तत्त्व को जानने वाले राजाओं द्वारा किये जाने वाले नाना प्रकार के राजसी आचरणों का वर्णन किया है।' ॥1॥
 
Yudhishthira said, 'Bharata! You have described various types of royal behaviour which were performed in the past by previous kings who knew the essence of royal duty.' ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)