Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.119.20: पिता जी! मैंने आपको प्रजा के हित से संबंधित अटल ज्ञान समझाया है और कुत्ते का उदाहरण भी दिया है। अब आप और क्या सुनना चाहते हैं?॥ 20॥ | mahabharat अध्याय 12.119: सेवकोंको उनके योग्य स्थानपर नियुक्त करने, कुलीन और सत्पुरुषोंका संग्रह करने, कोष बढ़ाने तथा सबकी देखभाल करनेके लिये राजाको प्रेरणा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिता जी! मैंने आपको प्रजा के हित से संबंधित अटल ज्ञान समझाया है और कुत्ते का उदाहरण भी दिया है। अब आप और क्या सुनना चाहते हैं?॥ 20॥
Father! I have explained to you the steadfast wisdom related to the welfare of the subjects and have given the example of the dog before you. What else do you want to hear?॥ 20॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि श्वर्षिसंवादे एकोनविंशत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ ११९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें कुत्ता और ऋषिका संवादविषयक एक सौ उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥