Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.119.11: सिंह को सदैव सिंह ही सेवक रखना चाहिए। सिंह के अतिरिक्त यदि कोई अन्य प्राणी सिंह के साथ रहने लगे, तो वह भी सिंह के समान जीवन का फल भोगने लगता है।॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.119: सेवकोंको उनके योग्य स्थानपर नियुक्त करने, कुलीन और सत्पुरुषोंका संग्रह करने, कोष बढ़ाने तथा सबकी देखभाल करनेके लिये राजाको प्रेरणा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सिंह को सदैव सिंह ही सेवक रखना चाहिए। सिंह के अतिरिक्त यदि कोई अन्य प्राणी सिंह के साथ रहने लगे, तो वह भी सिंह के समान जीवन का फल भोगने लगता है।॥11॥
A lion should always have only lions as his servants. If a creature other than a lion starts living with a lion, then it starts reaping the fruits of its life like the lion.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥