Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.119.1: भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! इस प्रकार जो राजा योग्य सेवकों को उनके स्थान पर नियुक्त करके उन्हें काम पर लगाता है, वही राज्य का वास्तविक फल पाता है। | mahabharat अध्याय 12.119: सेवकोंको उनके योग्य स्थानपर नियुक्त करने, कुलीन और सत्पुरुषोंका संग्रह करने, कोष बढ़ाने तथा सबकी देखभाल करनेके लिये राजाको प्रेरणा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
एवं गुणयुतान् भृत्यान् स्वे स्वे स्थाने नराधिप:।
नियोजयति कृत्येषु स राज्यफलमश्नुते॥ १॥
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! इस प्रकार जो राजा योग्य सेवकों को उनके स्थान पर नियुक्त करके उन्हें काम पर लगाता है, वही राज्य का वास्तविक फल पाता है।
Bhishmaji says – Yudhishthir! In this way, the king who appoints capable servants in their respective places and puts them to work, gets the real fruits of the kingdom.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥