Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.118.5: यदि कोई कुलीन मनुष्य बिना किसी दोष के राजा द्वारा कभी अपमानित हो जाए और लोग उसकी निन्दा करें, तो भी अपने कुलीन जन्म के कारण वह कभी राजा को हानि पहुँचाने का विचार नहीं करता ॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.118: राजाके सेवक, सचिव तथा सेनापति आदि और राजाके उत्तम गुणोंका वर्णन एवं उनसे लाभ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई कुलीन मनुष्य बिना किसी दोष के राजा द्वारा कभी अपमानित हो जाए और लोग उसकी निन्दा करें, तो भी अपने कुलीन जन्म के कारण वह कभी राजा को हानि पहुँचाने का विचार नहीं करता ॥5॥
If a man of noble birth is ever insulted by the king without any fault of his and people criticise him, then also due to his noble birth he never thinks of harming the king. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥