Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.117.5: तत्पश्चात् कमलों के पराग से सुशोभित और प्रसन्नचित्त वह हाथी कमलों के समूहों में तथा शल्लकी लता की झाड़ियों के बीच विचरण करने लगा। | mahabharat अध्याय 12.117: कुत्तेका शरभकी योनिमें जाकर महर्षिके शापसे पुन: कुत्ता हो जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: कमलषण्डानि शल्लकीगहनानि च।
व्यचरत् स मुदायुक्त: पद्मरेणुविभूषित:॥ ५॥
अनुवाद
तत्पश्चात् कमलों के पराग से सुशोभित और प्रसन्नचित्त वह हाथी कमलों के समूहों में तथा शल्लकी लता की झाड़ियों के बीच विचरण करने लगा।
Thereafter the elephant, adorned with the pollen of the lotuses and delighted, began to wander among the clusters of lotuses and among the bushes of the creeper Shallaki. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥