Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.117.2: उसके ललाट से मद की धारा बह रही थी। उसका ललाट बहुत चौड़ा था। उस पर कमल का चिह्न अंकित था। उसके दाँत बहुत सुन्दर थे। वह विशाल, ऊँचा हाथी मेघ के समान जोर से गर्जना कर रहा था॥2॥ | mahabharat अध्याय 12.117: कुत्तेका शरभकी योनिमें जाकर महर्षिके शापसे पुन: कुत्ता हो जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके ललाट से मद की धारा बह रही थी। उसका ललाट बहुत चौड़ा था। उस पर कमल का चिह्न अंकित था। उसके दाँत बहुत सुन्दर थे। वह विशाल, ऊँचा हाथी मेघ के समान जोर से गर्जना कर रहा था॥2॥
A stream of intoxication was oozing from his forehead. His forehead was very wide. A lotus symbol was imprinted on it. His teeth were very beautiful. That huge, tall elephant roared loudly like a cloud.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥