Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.117.1: भीष्म कहते हैं, "हे राजन! वह बाघ मारे गए हिरण के मांस से तृप्त होकर ऋषि की कुटिया के पास सो रहा था। तभी एक काला हाथी, जो उमड़ते हुए बादल के समान काला था, मतवाला होकर वहाँ आ पहुँचा। | mahabharat अध्याय 12.117: कुत्तेका शरभकी योनिमें जाकर महर्षिके शापसे पुन: कुत्ता हो जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं, "हे राजन! वह बाघ मारे गए हिरण के मांस से तृप्त होकर ऋषि की कुटिया के पास सो रहा था। तभी एक काला हाथी, जो उमड़ते हुए बादल के समान काला था, मतवाला होकर वहाँ आ पहुँचा।
Bhishma says, "O King! The tiger, satisfied with the meat of the deer he had killed, was sleeping near the sage's hut. Just then, a black elephant, as dark as a rising cloud, arrived there in a drunken state.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥