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mahabharat 12.116.d1: युधिष्ठिर ने पूछा, "हे भरतश्रेष्ठ! जहाँ राजा के पास अच्छे कुल में जन्मे सहायक नहीं होते, वहाँ वह नीच जाति के लोगों को सहायक बना सकता है या नहीं?"   |   mahabharat अध्याय 12.116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.116.d1 
युधिष्ठिर उवाच
(न सन्ति कुलजा यत्र सहाया: पार्थिवस्य तु।
अकुलीनाश्च कर्तव्या न वा भरतसत्तम॥ )
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, "हे भरतश्रेष्ठ! जहाँ राजा के पास अच्छे कुल में जन्मे सहायक नहीं होते, वहाँ वह नीच जाति के लोगों को सहायक बना सकता है या नहीं?"
 
Yudhishthira asked, "O best of the Bharatas! Where the king does not have helpers born in good families, can he make helpers of people of low castes or not?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)