Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.116.22: प्रजानाथ! तत्पश्चात् उसे अपने समान रूप में देखकर बाघ उसे मार न सका। दूसरी ओर कुत्ता बलवान होकर मांस खाने लगा। 22. | mahabharat अध्याय 12.116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो दृष्ट्वा स शार्दूलो नाहनत् तं विशाम्पते।
स तु श्वा व्याघ्रतां प्राप्य बलवान् पिशिताशन:॥ २२॥
अनुवाद
प्रजानाथ! तत्पश्चात् उसे अपने समान रूप में देखकर बाघ उसे मार न सका। दूसरी ओर कुत्ता बलवान होकर मांस खाने लगा। 22.
Prajanath! Thereafter the tiger could not kill him after seeing him in a form similar to his own. On the other hand the dog became a strong tiger and started eating meat. 22.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥