Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.116.18: जब तेंदुए ने अपने सामने अपने जैसा ही एक जानवर देखा तो उसकी शत्रुता क्षण भर में गायब हो गई।   |   mahabharat अध्याय 12.116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  12.116.18 
तं दृष्ट्वा सम्मुखे द्वीपी आत्मन: सदृशं पशुम्।
अविरुद्धस्ततस्तस्य क्षणेन समपद्यत॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जब तेंदुए ने अपने सामने अपने जैसा ही एक जानवर देखा तो उसकी शत्रुता क्षण भर में गायब हो गई।
 
When the leopard saw an animal similar to itself in front of it, its hostility vanished in a moment. 18.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)