Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.116.17: तत्पश्चात् ऋषि ने उस कुत्ते को चीते का रूप दे दिया। उसका रूप सोने के समान चमकने लगा। उसका सारा शरीर धब्बेदार हो गया और उसके बड़े-बड़े दाँत चमकने लगे। अब वह निर्भय होकर वन में रहने लगा॥17॥ | mahabharat अध्याय 12.116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् ऋषि ने उस कुत्ते को चीते का रूप दे दिया। उसका रूप सोने के समान चमकने लगा। उसका सारा शरीर धब्बेदार हो गया और उसके बड़े-बड़े दाँत चमकने लगे। अब वह निर्भय होकर वन में रहने लगा॥17॥
Thereafter the sage transformed the dog into a leopard. His form started shining like gold. His whole body became spotted and his big teeth started shining. Now he started living in the forest fearlessly.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥