युधिष्ठिर उवाच
पितामह महाप्राज्ञ संशयो मे महानयम्।
संछेत्तव्यस्त्वया राजन् भवान् कुलकरो हि न:॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - हे परम बुद्धिमान पितामह! मेरे मन में यह बड़ा संदेह है। राजन! आप मेरे इस संदेह को दूर कर दीजिए; क्योंकि आप ही हमारे वंश के संस्थापक हैं॥1॥
Yudhishthira said, 'O very wise grandfather! This is a big doubt in my mind. King! Please remove this doubt of mine; because you are the founder of our dynasty.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥