Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.114.9: यदि पापी मनुष्य द्वारा कठोर वचन कहे जाएँ और बदले में उन्हीं वचनों का प्रयोग किया जाए, तो वाणी से कलह ही उत्पन्न होगी। हिंसा करने की इच्छा रखने वाले को गाली देने से कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होगा।॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.114: दुष्ट मनुष्यद्वारा की हुई निन्दाको सह लेनेसे लाभ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि वाग्भि: प्रयोग: स्यात् प्रयोगे पापकर्मण:।
वागेवार्थो भवेत् तस्य न ह्येवार्थो जिघांसत:॥ ९॥
अनुवाद
यदि पापी मनुष्य द्वारा कठोर वचन कहे जाएँ और बदले में उन्हीं वचनों का प्रयोग किया जाए, तो वाणी से कलह ही उत्पन्न होगी। हिंसा करने की इच्छा रखने वाले को गाली देने से कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होगा।॥9॥
If harsh words are spoken by a sinful person and the same words are used in return, then it will only cause discord through words. No purpose will be achieved by abusing a person who wants to commit violence.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥