Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.113.9: नदी का वेग आता देखकर बाँस का वृक्ष झुक जाता है, परन्तु अन्य वृक्ष ऐसा नहीं करते; अतः जब नदी का वेग कम हो जाता है, तब वह पुनः अपने स्थान पर आ जाता है॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.113: शक्तिशाली शत्रुके सामने बेंतकी भाँति नतमस्तक होनेका उपदेश—सरिताओं और समुद्रका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नदी का वेग आता देखकर बाँस का वृक्ष झुक जाता है, परन्तु अन्य वृक्ष ऐसा नहीं करते; अतः जब नदी का वेग कम हो जाता है, तब वह पुनः अपने स्थान पर आ जाता है॥9॥
The bamboo tree bends when it sees the force of the river coming, but the other trees do not do so; hence, when the force of the river subsides, it again comes back to its original place.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥