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श्लोक  12.113.6 
तदहं श्रोतुमिच्छामि सर्वासामेव वो मतम्।
यथा चेमानि कूलानि हित्वा नायाति वेतस:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मैं इस विषय पर आपके विचार सुनना चाहता हूँ। क्या कारण है कि वटवृक्ष आपके इन तटों को नहीं छोड़ता? ॥6॥
 
I would like to hear your views on this issue. What is the reason that the Banyan tree does not leave these shores of yours? ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)