Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.112.6: ऊँट बोला - हे प्रभु! आपकी कृपा से मेरी गर्दन बहुत बड़ी हो जाए, जिससे जब मैं चरने जाऊँ तो सौ योजन से भी अधिक दूरी से खाद्य पदार्थ खा सकूँ। | mahabharat अध्याय 12.112: एक तपस्वी ऊँटके आलस्यका कुपरिणाम और राजाका कर्तव्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऊँट बोला - हे प्रभु! आपकी कृपा से मेरी गर्दन बहुत बड़ी हो जाए, जिससे जब मैं चरने जाऊँ तो सौ योजन से भी अधिक दूरी से खाद्य पदार्थ खा सकूँ।
The camel said - O Lord! May by your grace my neck become very large, so that when I go for grazing, I can eat food items from more than a hundred yojanas away.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥