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mahabharat 12.111.69: बेटा! आपने इस सियार को मंत्री पद पर नियुक्त किया है और आपके सामंतों में भी इसकी ख्याति बढ़ गई है। इसके लिए योग्य व्यक्ति मिलना बहुत कठिन है। यह सियार आपका शुभचिंतक मित्र है, इसलिए आपको इसकी रक्षा करनी चाहिए।'   |   mahabharat अध्याय 12.111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  12.111.69 
स्थापितोऽयं त्वया पुत्र सामन्तेष्वपि विश्रुत:।
दु:खेनासाद्यते पात्रं धार्यतामेष ते सुहृत्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
बेटा! आपने इस सियार को मंत्री पद पर नियुक्त किया है और आपके सामंतों में भी इसकी ख्याति बढ़ गई है। इसके लिए योग्य व्यक्ति मिलना बहुत कठिन है। यह सियार आपका शुभचिंतक मित्र है, इसलिए आपको इसकी रक्षा करनी चाहिए।'
 
‘Son! You have appointed this jackal to the post of minister, and his fame has increased among your feudal lords as well. It is very difficult to find a deserving person. This jackal is your well-wisher friend; therefore you should protect him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)