Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.111.51-52: उसमें यह दोष देखकर प्रथम मन्त्री आपस में कहने लगे, "यह हम सबकी जीविका नष्ट करने पर तुला हुआ है; अतः हमें भी इससे बदला लेना चाहिए।" ऐसा निश्चय करके वे उसके अपराधों का वर्णन करने लगे। | mahabharat अध्याय 12.111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसमें यह दोष देखकर प्रथम मन्त्री आपस में कहने लगे, "यह हम सबकी जीविका नष्ट करने पर तुला हुआ है; अतः हमें भी इससे बदला लेना चाहिए।" ऐसा निश्चय करके वे उसके अपराधों का वर्णन करने लगे।
Seeing this flaw in him, the first ministers started talking among themselves, "He is hell-bent on destroying the livelihood of all of us; therefore we should also take revenge from him." Having decided this, they started describing his crimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥