Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.111.42: उसके आने से पहले वे अलग तरह से रहते थे। वे दूसरों का धन हड़प लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं कर सकते थे। सियार ने उन पर इतनी कड़ी पाबंदी लगा दी थी कि वे किसी से कुछ भी नहीं ले सकते थे। 42. | mahabharat अध्याय 12.111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके आने से पहले वे अलग तरह से रहते थे। वे दूसरों का धन हड़प लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं कर सकते थे। सियार ने उन पर इतनी कड़ी पाबंदी लगा दी थी कि वे किसी से कुछ भी नहीं ले सकते थे। 42.
Before his arrival, they used to live in a different way. They used to usurp the wealth of others, but now they could not do so. The jackal had put such a strict restriction on them that they were unable to take anything from anyone. 42.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥