Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.111.31: राजा जिसे अपने समक्ष बुलाता है, उसके हृदय में जो भय उत्पन्न होता है, वह उन लोगों के हृदय में नहीं होता जो वन में फल-मूल खाकर तृप्त होते हैं ॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा जिसे अपने समक्ष बुलाता है, उसके हृदय में जो भय उत्पन्न होता है, वह उन लोगों के हृदय में नहीं होता जो वन में फल-मूल खाकर तृप्त होते हैं ॥31॥
The fear that arises in the heart of the person whom the king calls before him is not there in the heart of the people who are satisfied by eating fruits and roots in the forest. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥