श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.111.2 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
व्याघ्रगोमायुसंवादं तं निबोध युधिष्ठिर॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, 'युधिष्ठिर! ज्ञानी लोग बाघ और सियार के संवाद की प्राचीन कथा कहते हैं। उसे ध्यानपूर्वक सुनो।
 
Bhishma said, 'Yudhishthira! Knowledgeable people cite the ancient story of a conversation between a tiger and a jackal. Listen to it carefully.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)