Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.111.13: यदि मेरा निवास श्मशान में है, तो इसके लिए मैं जो उपाय बताता हूँ, उसे सुनो। आत्मा ही शुभ कर्मों की प्रेरणा करती है। कोई आश्रम धर्म का कारण नहीं है।॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्मशाने यदि मे वास: समाधिर्मे निशम्यताम्।
आत्मा फलति कर्माणि नाश्रमो धर्मकारणम्॥ १३॥
अनुवाद
यदि मेरा निवास श्मशान में है, तो इसके लिए मैं जो उपाय बताता हूँ, उसे सुनो। आत्मा ही शुभ कर्मों की प्रेरणा करती है। कोई आश्रम धर्म का कारण नहीं है।॥13॥
‘If my residence is in the cremation ground, then listen to the solution I give for this. It is the soul that inspires good deeds. No ashram is the reason for religion.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥