Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.11.25: अतः वह अपने धर्म में स्थित होकर, उत्तम व्रतों का पालन करके तथा सत्य बोलकर, जगतगुरु बन जाता है तथा संशय से सर्वथा मुक्त हो जाता है। | mahabharat अध्याय 12.11: अर्जुनका पक्षिरूपधारी इन्द्र और ऋषिबालकोंके संवादका उल्लेखपूर्वक गृहस्थ-धर्मके पालनपर जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्मात् स्वधर्ममास्थाय सुव्रता: सत्यवादिन:।
लोकस्य गुरवो भूत्वा ते भवन्त्यनुपस्कृता:॥ २५॥
अनुवाद
अतः वह अपने धर्म में स्थित होकर, उत्तम व्रतों का पालन करके तथा सत्य बोलकर, जगतगुरु बन जाता है तथा संशय से सर्वथा मुक्त हो जाता है।
Therefore, by being established in his religion, by observing the best vows and speaking the truth, he becomes the world teacher and completely free from doubts. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥