Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.108.2: सम्पूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों में से आप किसको श्रेष्ठ मानते हैं, जिसके करने से मैं इस लोक में तथा परलोक में परम धर्म का फल प्राप्त कर सकूँ?॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 12.108: माता-पिता तथा गुरुकी सेवाका महत्त्व   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 108: माता-पिता तथा गुरुकी सेवाका महत्त्व  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.108.2 
किं कार्यं सर्वधर्माणां गरीयो भवतो मतम्।
यथाहं परमं धर्ममिह च प्रेत्य चाप्नुयाम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
सम्पूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों में से आप किसको श्रेष्ठ मानते हैं, जिसके करने से मैं इस लोक में तथा परलोक में परम धर्म का फल प्राप्त कर सकूँ?॥ 2॥
 
Of all the religious practices, which do you think is the best, by performing which I can attain the fruits of the ultimate religion in this world as well as the next?॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)