Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.108.19-20h: भारत! पिता और माता तो केवल शरीर को जन्म देते हैं; परन्तु गुरु की शिक्षा ग्रहण करने से जो दूसरा जन्म प्राप्त होता है, वह दिव्य और अमर है ॥19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.108: माता-पिता तथा गुरुकी सेवाका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शरीरमेव सृजत: पिता माता च भारत॥ १९॥
आचार्यशिष्टा या जाति: सा दिव्या साजरामरा।
अनुवाद
भारत! पिता और माता तो केवल शरीर को जन्म देते हैं; परन्तु गुरु की शिक्षा ग्रहण करने से जो दूसरा जन्म प्राप्त होता है, वह दिव्य और अमर है ॥19 1/2॥
Bharat! Father and mother give birth only to the body; but the second birth which is obtained by receiving the teachings of the teacher is divine and immortal. ॥19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥