Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.107.29-30h: जब संघ के सदस्य अचानक क्रोध या आसक्ति के कारण या स्वाभाविक लोभ के कारण भी एक-दूसरे से बातचीत करना बंद कर देते हैं, तो यह उनकी पराजय का संकेत है ॥29 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.107: गणतन्त्र राज्यका वर्णन और उसकी नीति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब संघ के सदस्य अचानक क्रोध या आसक्ति के कारण या स्वाभाविक लोभ के कारण भी एक-दूसरे से बातचीत करना बंद कर देते हैं, तो यह उनकी पराजय का संकेत है ॥29 1/2॥
When members of the Sangha stop talking to each other due to sudden anger or attachment or even due to natural greed, it is a sign of their defeat. ॥29 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥