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mahabharat 12.107.27-28h: यदि कुल के बुजुर्ग परिवार के भीतर होने वाले विवादों की अनदेखी करते हैं, तो वे झगड़ा करने वाले समूहों में फूट डालते हैं और पूरे कुल को नष्ट कर देते हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.107: गणतन्त्र राज्यका वर्णन और उसकी नीति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 107: गणतन्त्र राज्यका वर्णन और उसकी नीति  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  12.107.27-28h 
कुलेषु कलहा जाता: कुलवृद्धैरुपेक्षिता:॥ २७॥
गोत्रस्य नाशं कुर्वन्ति गणभेदस्य कारकम्।
 
 
अनुवाद
यदि कुल के बुजुर्ग परिवार के भीतर होने वाले विवादों की अनदेखी करते हैं, तो वे झगड़ा करने वाले समूहों में फूट डालते हैं और पूरे कुल को नष्ट कर देते हैं।
 
If the elders of the clan ignore the disputes that occur within the family, then they create divisions among the quarreling groups and destroy the entire clan. 27 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)