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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 107: गणतन्त्र राज्यका वर्णन और उसकी नीति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.107.23 
तस्मान्मानयितव्यास्ते गणमुख्या: प्रधानत:।
लोकयात्रा समायत्ता भूयसी तेषु पार्थिव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
राजन! अतः आपको गणराज्य के सभी प्रमुख अधिकारियों का आदर करना चाहिए; क्योंकि लोकयात्रा का महान भार उन्हीं पर है।
 
Rajan! Therefore, you should respect all the chief officers of the Republic; Because the great burden of Lok Yatra rests on them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)