Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.106.7: राजकुमार! तुम्हें राज्य से निकाल दिया गया है। तुम पर घोर विपत्ति आई है, फिर भी तुमने क्रूरता नहीं अपनाई; तुम अपना जीवन करुणामयी आचरण से जीना चाहते हो। 7. | mahabharat अध्याय 12.106: कालकवृक्षीय मुनिका विदेहराज तथा कोसलराजकुमारमें मेल कराना और विदेहराजका कोसलराजको अपना जामाता बना लेना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजकुमार! तुम्हें राज्य से निकाल दिया गया है। तुम पर घोर विपत्ति आई है, फिर भी तुमने क्रूरता नहीं अपनाई; तुम अपना जीवन करुणामयी आचरण से जीना चाहते हो। 7.
Prince! You have been expelled from the kingdom. You have fallen into a great calamity, yet you have not adopted cruelty; you want to live your life with compassionate behavior. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥