Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.106.22: हे प्रभु! आपने मुझे जो भी आज्ञा दी है, मैं उसी प्रकार उसका पालन करूँगा। यह मेरे लिए परम कल्याणकारी बात है। इस विषय में मुझे अन्य किसी बात का विचार नहीं करना है।॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 12.106: कालकवृक्षीय मुनिका विदेहराज तथा कोसलराजकुमारमें मेल कराना और विदेहराजका कोसलराजको अपना जामाता बना लेना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यद्वचनमुक्तोऽस्मि करिष्यामि च तत् तथा।
एतद्धि परमं श्रेयो न मेऽत्रास्ति विचारणा॥ २२॥
अनुवाद
हे प्रभु! आपने मुझे जो भी आज्ञा दी है, मैं उसी प्रकार उसका पालन करूँगा। यह मेरे लिए परम कल्याणकारी बात है। इस विषय में मुझे अन्य किसी बात का विचार नहीं करना है।॥ 22॥
'Lord! Whatever you have ordered me, I will follow it in the same manner. This is a matter of utmost welfare for me. I do not have to think about anything else in this regard.'॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥