Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.106.21: ‘आपने वही बात कही है जो एक महान् विद्वान् कह सकता है, जो एक महान् विद्वान् कह सकता है, तथा जो एक परहित चाहने वाला महापुरुष उपदेश दे सकता है। यह हम दोनों के लिए स्वीकार करने योग्य है।॥21॥ | mahabharat अध्याय 12.106: कालकवृक्षीय मुनिका विदेहराज तथा कोसलराजकुमारमें मेल कराना और विदेहराजका कोसलराजको अपना जामाता बना लेना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘आपने वही बात कही है जो एक महान् विद्वान् कह सकता है, जो एक महान् विद्वान् कह सकता है, तथा जो एक परहित चाहने वाला महापुरुष उपदेश दे सकता है। यह हम दोनों के लिए स्वीकार करने योग्य है।॥21॥
‘You have said something similar to what a great intellectual can say, what a great scholar can say, and what a great man who seeks the welfare of others can preach. This is worthy of acceptance by both of us.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥