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mahabharat 12.106.13: धर्मात्मा राजाओं के लिए संसार में अच्छे मंत्री के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह राजकुमार महान बुद्धि वाला है। इसने सत्पुरुषों के मार्ग का अनुसरण किया है॥13॥   |   mahabharat अध्याय 12.106: कालकवृक्षीय मुनिका विदेहराज तथा कोसलराजकुमारमें मेल कराना और विदेहराजका कोसलराजको अपना जामाता बना लेना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 106: कालकवृक्षीय मुनिका विदेहराज तथा कोसलराजकुमारमें मेल कराना और विदेहराजका कोसलराजको अपना जामाता बना लेना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.106.13 
धर्मात्मनां क्वचिल्लोके नान्यास्ति गतिरीदृशी।
महात्मा राजपुत्रोऽयं सतां मार्गमनुष्ठित:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
धर्मात्मा राजाओं के लिए संसार में अच्छे मंत्री के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह राजकुमार महान बुद्धि वाला है। इसने सत्पुरुषों के मार्ग का अनुसरण किया है॥13॥
 
‘There is no other option in the world for righteous kings than a good minister. This prince is of great mind. He has followed the path of good men.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)