Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.105.9-11h: राजा जनक बड़े धैर्यवान और धनवान हैं। जब वे तुम्हारा स्वागत करेंगे, तब तुम सबके विश्वासपात्र होगे और तुम्हें बड़ा गर्व होगा। ऐसी स्थिति में, मित्रों की सेना इकट्ठी करके और अच्छे मंत्रियों से सलाह लेकर, अपने बन्धु-बान्धवों द्वारा शत्रु सेना में फूट डालो और बेल से ही बेल को तोड़ डालो (शत्रु की सहायता से ही शत्रु का नाश करो)।॥9-10 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.105: कालकवृक्षीय मुनिके द्वारा गये हुए राज्यकी प्राप्तिके लिये विभिन्न उपायोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा जनक बड़े धैर्यवान और धनवान हैं। जब वे तुम्हारा स्वागत करेंगे, तब तुम सबके विश्वासपात्र होगे और तुम्हें बड़ा गर्व होगा। ऐसी स्थिति में, मित्रों की सेना इकट्ठी करके और अच्छे मंत्रियों से सलाह लेकर, अपने बन्धु-बान्धवों द्वारा शत्रु सेना में फूट डालो और बेल से ही बेल को तोड़ डालो (शत्रु की सहायता से ही शत्रु का नाश करो)।॥9-10 1/2॥
King Janaka is very patient and wealthy. When he will welcome you, you will be trusted by everyone and will feel very proud. In that situation, after gathering an army of friends and taking advice from good ministers, get the enemy forces divided by your close associates and break the vine with the vine itself (destroy the enemy with the help of the enemy itself).॥ 9-10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥