Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.104.5: हे महामुनि! आत्महत्या, दरिद्रता, दूसरों की शरण तथा ऐसे अन्य नीच कर्मों के अतिरिक्त यदि कोई अन्य उपाय हो तो कृपया मुझे बताइए।॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.104: राज्य, खजाना और सेना आदिसे वंचित हुए असहाय क्षेमदर्शी राजाके प्रति कालकवृक्षीय मुनिका वैराग्यपूर्ण उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महामुनि! आत्महत्या, दरिद्रता, दूसरों की शरण तथा ऐसे अन्य नीच कर्मों के अतिरिक्त यदि कोई अन्य उपाय हो तो कृपया मुझे बताइए।॥5॥
O great saint! If there is any other way than committing suicide, showing poverty, seeking refuge under others and doing other such vile deeds, please tell me that. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥